मेरी सोच , मेरा देश , मेरे शहीद ...!
सभी #महानुभावों से विनम्र #अपील है की अगर #आपके पास #शहीदो के लिए 4-5 मिनट का समय है तो ही इस #बलिदान की गाथा को #स्पर्श करना! #जल्दी वापस घर आ #जाओ याद #बहुत ही आती है... कहाँ गये हो #लाल मेरे तुम #माँ आवाज #लगाती हैं...... मेरे देश के जवान हरदिन सूरज की किरण के साथ शहीद होते जा रहे हैं! नित नयी #तारीख खून से लिखी जा रही हैं! कभी किसी का #सुहाग छिन जाता है, किसी का #आसरा छुट जाता है, कोई #अनाथ हो जाते है, तो कोई अकेले! वो खून चाहे #नरेन्द्र_सिंह का हो या #नरपतसिंह का! #प्रभु_सिंह का हो या #अरूण_शर्मा का! ना जाने किस किस जिले और किस किस राज्य के लाल देश की सीमा पर मर मिट रहे हैं! कभी किसी जांबाज सिपाही को #अगवा कर लिया जाता है तो किसी को #निद्रा में गोली से भून दीया जाता है! #मानवता की सारी हदें पार कर जवान के #पाक_शरीर को क्षत - विक्षत कर #रंगरैलीयाँ मनाते हैं! उसकी लाश पर बैठ असुरो की भाँती #इफ़्तार का आयोजन करते हैं! नापाक #हरकतों की हद तो तब हो जाती हैं जब अकेले शेर को दस - दस सूअर मिल कर #खून_से_लथपथ कर देते है! कल के...